सनातन ग्रंथालय (Sanatan Library)
सनातन ग्रंथालय (Sanatan Library)
त्रिपुरासुर वध की कथा: तारकासुर के तीन पुत्रों ने ब्रह्मा से वरदान पाकर तीन अविनाशी नगर बनवाए। महादेव ने त्रिपुरारि रूप धारण करके एक ही बाण से तीनों नगर भस्म कर दिए। पढ़ें पूरी कथा।
अंधकासुर वध की कथा: शिव-पार्वती के पुत्र अंधक ने अपनी माँ पर कुदृष्टि डाली, तो महादेव ने उसका वध किया। पढ़ें पूरी कथा, रक्त की बूंदों का रहस्य और भृंगी ऋषि बनने की कहानी।
शिव और कामदेव की कथा: जब कामदेव ने शिव का तप भंग किया और महादेव ने तीसरे नेत्र से उन्हें भस्म कर दिया। पढ़ें पूरी कथा, होली से संबंध, तीसरे नेत्र का अर्थ और शिक्षा।
ज्योतिर्लिंग की कथा: ब्रह्मा और विष्णु के युद्ध को रोकने के लिए शिव अनंत अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। बाद में वे 12 ज्योतिर्लिंगों के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए। पढ़ें पूरी कथा, हर ज्योतिर्लिंग की कहानी
रावण द्वारा शिव तांडव स्तोत्र की कथा: जब कैलाश पर्वत उठाने वाले रावण ने दर्द और अपमान में महादेव की स्तुति की, और शिव तांडव स्तोत्र की रचना हुई। पढ़ें पूरी कथा, श्लोक, लाभ और शिक्षा।
मार्कंडेय की कथा: 16 वर्ष की आयु में यमराज सामने खड़े थे, लेकिन भगवान शिव ने अपने भक्त की रक्षा की। पढ़ें पूरी कथा, महामृत्युंजय मंत्र और शिक्षा।
भगवान / God
भगवान और गुरु पर सच्चा विश्वास मनुष्य के जीवन को बदल सकता है। श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba) की शिक्षाएं भी इसी सत्य को दर्शाती हैं। उनका संदेश था कि जीवन में
भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman) सनातन धर्म में भक्ति, निष्ठा और अपार शक्ति के सबसे महान प्रतीकों में माने जाते हैं। Bhakti Margdarshan के अनुसार जब कोई भक्त बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के
मंदिर (Temple)
वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर का इतिहास, श्री बांके बिहारी जी के प्राकट्य की परंपरा, स्वामी हरिदास जी से संबंध, दर्शन समय और मंदिर की विशेष सेवा-पद्धति विस्तार से जानें।
प्रेम मंदिर वृंदावन भगवान श्रीराधा-कृष्ण और श्रीसीताराम को समर्पित भव्य मंदिर है। जानिए इसका इतिहास, वास्तुकला, दर्शन समय, कृष्ण लीला की झांकियां और म्यूजिकल एवं डिजिटल फाउंटेन की पूरी जानकारी।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। जानिए घुश्मा की अद्भुत शिवभक्ति से जुड़ी पौराणिक कथा, मंदिर का इतिहास, अहिल्याबाई होलकर का योगदान, शानदार वास्तुकला, पूजा-पद्धति, दर्शन
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाराष्ट्र के सह्याद्री पर्वतों में स्थित इस पवित्र मंदिर से भीमासुर की कथा, प्राचीन इतिहास, सुंदर नागर स्थापत्य, भीमा नदी और प्राकृतिक सौंदर्य
ब्लॉग / Blog
वैकृतिकं रहस्यम् दुर्गा सप्तशती के रहस्यत्रय का द्वितीय रहस्य है। इसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूप, आयुध तथा देवी-पूजन के विधान का वर्णन मिलता है।
प्राधानिकं रहस्यम् दुर्गा सप्तशती के रहस्यत्रय का प्रथम रहस्य है। इसमें महालक्ष्मी की प्रधान प्रकृति तथा महाकाली और महासरस्वती के स्वरूपों का वर्णन मिलता है।
दुर्गा सप्तशती देवीमयी स्तुति में देवी के सर्वव्यापक स्वरूप का सुंदर वर्णन मिलता है। यहाँ देवीमयी स्तुति का मूल पाठ, सरल हिन्दी अर्थ और भाव प्रस्तुत किया गया है।
सिद्ध सम्पुट मन्त्रों के 30 प्रमुख मन्त्र, सरल हिन्दी अर्थ और उनके पारंपरिक प्रयोजन यहाँ पढ़ें। दुर्गा सप्तशती पाठ में इन मन्त्रों के महत्व और उपयोग की जानकारी भी प्राप्त करें।
दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम माला में माता दुर्गा के 32 पवित्र नामों का वर्णन है। पढ़ें संपूर्ण पाठ, सरल हिन्दी अर्थ, पाठ का महत्व, विधि और FAQ।
दुर्गा सप्तशती की क्षमा प्रार्थना का सम्पूर्ण पाठ सरल हिन्दी अर्थ सहित पढ़ें। इसमें साधक माता जगदम्बा से पूजा में हुई सभी भूलों के लिए क्षमा और अपनी उपासना को स्वीकार करने की प्रार्थना करता
मूर्ति रहस्यम् में देवी के नन्दा, रक्तदन्तिका, शाकम्भरी, भीमा और भ्रामरी आदि दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है। यहाँ सम्पूर्ण पाठ के साथ प्रत्येक श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ दिया गया है।
तन्त्रोक्तं देवी सूक्तम् मां दुर्गा की प्रसिद्ध स्तुति है, जिसमें देवी को चेतना, बुद्धि, शक्ति, शांति, श्रद्धा, दया, लक्ष्मी और मातृभाव सहित अनेक रूपों में नमन किया गया है। यहां इसका पूरा पाठ सरल हिंदी
ऋग्वेदोक्त देवीसूक्तम् ऋग्वेद के प्रसिद्ध देवी सूक्तों में से एक है। यहां देवीसूक्त के सभी 8 मंत्र, विनियोग, ध्यान और प्रत्येक मंत्र का सरल हिंदी अर्थ दिया गया है।
दुर्गा सप्तशती उपसंहार में नवार्ण मंत्र के जप, विनियोग, विभिन्न न्यास और देवी के ध्यान की पारंपरिक विधि बताई गई है। यहां उपसंहार का पाठ और सरल हिंदी अर्थ भी दिया गया है।
