हिंदू मंत्र संग्रह / Hindu Mantra Sangrah
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वैकृतिकं रहस्यम् दुर्गा सप्तशती के रहस्यत्रय का द्वितीय रहस्य है। इसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूप, आयुध तथा देवी-पूजन के विधान का वर्णन मिलता है।
प्राधानिकं रहस्यम् दुर्गा सप्तशती के रहस्यत्रय का प्रथम रहस्य है। इसमें महालक्ष्मी की प्रधान प्रकृति तथा महाकाली और महासरस्वती के स्वरूपों का वर्णन मिलता है।
दुर्गा सप्तशती देवीमयी स्तुति में देवी के सर्वव्यापक स्वरूप का सुंदर वर्णन मिलता है। यहाँ देवीमयी स्तुति का मूल पाठ, सरल हिन्दी अर्थ और भाव प्रस्तुत किया गया है।
सिद्ध सम्पुट मन्त्रों के 30 प्रमुख मन्त्र, सरल हिन्दी अर्थ और उनके पारंपरिक प्रयोजन यहाँ पढ़ें। दुर्गा सप्तशती पाठ में इन मन्त्रों के महत्व और उपयोग की जानकारी भी प्राप्त करें।
दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम माला में माता दुर्गा के 32 पवित्र नामों का वर्णन है। पढ़ें संपूर्ण पाठ, सरल हिन्दी अर्थ, पाठ का महत्व, विधि और FAQ।
दुर्गा सप्तशती की क्षमा प्रार्थना का सम्पूर्ण पाठ सरल हिन्दी अर्थ सहित पढ़ें। इसमें साधक माता जगदम्बा से पूजा में हुई सभी भूलों के लिए क्षमा और अपनी उपासना को स्वीकार करने की प्रार्थना करता
मूर्ति रहस्यम् में देवी के नन्दा, रक्तदन्तिका, शाकम्भरी, भीमा और भ्रामरी आदि दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है। यहाँ सम्पूर्ण पाठ के साथ प्रत्येक श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ दिया गया है।
तन्त्रोक्तं देवी सूक्तम् मां दुर्गा की प्रसिद्ध स्तुति है, जिसमें देवी को चेतना, बुद्धि, शक्ति, शांति, श्रद्धा, दया, लक्ष्मी और मातृभाव सहित अनेक रूपों में नमन किया गया है। यहां इसका पूरा पाठ सरल हिंदी
ऋग्वेदोक्त देवीसूक्तम् ऋग्वेद के प्रसिद्ध देवी सूक्तों में से एक है। यहां देवीसूक्त के सभी 8 मंत्र, विनियोग, ध्यान और प्रत्येक मंत्र का सरल हिंदी अर्थ दिया गया है।
दुर्गा सप्तशती उपसंहार में नवार्ण मंत्र के जप, विनियोग, विभिन्न न्यास और देवी के ध्यान की पारंपरिक विधि बताई गई है। यहां उपसंहार का पाठ और सरल हिंदी अर्थ भी दिया गया है।
