शिव चालीसा (Shiv Chalisa)

होम >> शिव चालीसा (Shiv Chalisa)

!! शिव चालीसा (Shiv Chalisa) !!

शिव चालीसा (Shiv Chalisa) भगवान शिव की महिमा का वर्णन करने वाली एक लोकप्रिय भक्तिमय रचना है। हिंदू धर्म में शिव चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालु नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करके भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान ।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥

॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे । छवि को देखि नाग मन मोहे ॥ 4
मैना मातु की हवे दुलारी । बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी । करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे । सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ । या छवि को कहि जात न काऊ ॥ 8
देवन जबहीं जाय पुकारा । तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥
किया उपद्रव तारक भारी । देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥
तुरत षडानन आप पठायउ । लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥
आप जलंधर असुर संहारा । सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥ 12
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई । सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥
किया तपहिं भागीरथ भारी । पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥
दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं । सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥ 16
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला । जरत सुरासुर भए विहाला ॥
कीन्ही दया तहं करी सहाई । नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा । जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥
सहस कमल में हो रहे धारी । कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥ 20
एक कमल प्रभु राखेउ जोई । कमल नयन पूजन चहं सोई ॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर । भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥
जय जय जय अनन्त अविनाशी । करत कृपा सब के घटवासी ॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥ 24
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो । येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो । संकट से मोहि आन उबारो ॥
मात-पिता भ्राता सब होई । संकट में पूछत नहिं कोई ॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी । आय हरहु मम संकट भारी ॥ 28
धन निर्धन को देत सदा हीं । जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥
अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी । क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥
शंकर हो संकट के नाशन । मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं । शारद नारद शीश नवावैं ॥ 32
नमो नमो जय नमः शिवाय । सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥
जो यह पाठ करे मन लाई । ता पर होत है शम्भु सहाई ॥
ॠनियां जो कोई हो अधिकारी । पाठ करे सो पावन हारी ॥
पुत्र हीन कर इच्छा जोई । निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥ 36
पण्डित त्रयोदशी को लावे । ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा । ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे । शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥
जन्म जन्म के पाप नसावे । अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥ 40
कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी । जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥
॥ दोहा ॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा । तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश ॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान । अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥

शिव चालीसा (Shiv Chalisa) – भगवान भोलेनाथ की महिमा, महत्व, पूजा विधि और लाभ

भगवान शिव का परिचय

भगवान शिव हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं। इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, नीलकंठ और देवों के देव महादेव के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव को सृष्टि के पालन, संहार और परिवर्तन की शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

भगवान शिव अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव जी की पूजा, मंत्र जाप और शिव चालीसा का पाठ करते हैं।

शिव चालीसा का महत्व

शिव चालीसा (Shiv Chalisa) भगवान शिव की स्तुति और आराधना का पवित्र पाठ है। इसमें भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, उनकी महिमा और भक्तों पर उनकी कृपा का वर्णन किया गया है।

शिव चालीसा में भगवान शिव को:

  • दुखों को दूर करने वाला
  • संकटों से रक्षा करने वाला
  • भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने वाला
  • संसार के कल्याण करने वाला

देव बताया गया है।

भक्त सोमवार, महाशिवरात्रि और सावन के पवित्र महीने में विशेष रूप से शिव चालीसा का पाठ करते हैं।

भगवान शिव का स्वरूप

भगवान शिव का स्वरूप अत्यंत दिव्य और अद्भुत माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:

  • भगवान शिव के सिर पर चंद्रमा सुशोभित है।
  • उनकी जटाओं में पवित्र माँ गंगा विराजमान हैं।
  • उनके गले में सर्पों की माला है।
  • हाथों में त्रिशूल और डमरू धारण करते हैं।
  • उनका वाहन नंदी बैल है।

भगवान शिव का यह स्वरूप त्याग, तपस्या और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

भगवान शिव की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव अनादि और अनंत हैं। समुद्र मंथन के समय जब संसार को बचाने के लिए विष निकला, तब भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। इसी कारण उन्हें नीलकंठ कहा गया।

भगवान शिव ने हमेशा धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अनेक दिव्य कार्य किए और संसार के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

शिव चालीसा पाठ के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा से शिव चालीसा का पाठ करने से:

  • मन को शांति मिलती है।
  • भय और चिंता कम होती है।
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
  • कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
  • आध्यात्मिक विकास होता है।

भगवान शिव की पूजा विधि

भगवान शिव की पूजा के लिए:

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
  3. बेलपत्र, फूल और फल चढ़ाएं।
  4. दीपक और धूप जलाएं।
  5. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  6. श्रद्धा से शिव चालीसा का पाठ करें।

भगवान शिव का मंत्र

ॐ नमः शिवाय॥

यह भगवान शिव का प्रसिद्ध पंचाक्षरी मंत्र है। भक्त इसे श्रद्धा के साथ जपकर शिव कृपा की कामना करते हैं।

शिव चालीसा कब पढ़नी चाहिए?

शिव चालीसा का पाठ इन अवसरों पर विशेष शुभ माना जाता है:

  • सोमवार के दिन
  • महाशिवरात्रि पर
  • सावन महीने में
  • प्रदोष व्रत के समय
  • प्रतिदिन सुबह पूजा के समय

भगवान शिव और माता पार्वती

भगवान शिव और माता पार्वती का संबंध प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। माता पार्वती भगवान शिव की अर्धांगिनी हैं और दोनों की पूजा साथ में करने से परिवार में सुख और शांति की कामना की जाती है।

निष्कर्ष

शिव चालीसा भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आराधना का सरल माध्यम है। भगवान शिव करुणा, शक्ति और कल्याण के प्रतीक माने जाते हैं।

श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव चालीसा का पाठ करने से भक्तों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होने की अनुभूति होती है।

🔱 हर हर महादेव 🔱
🙏 ॐ नमः शिवाय 🙏

👉 📥 फ्री PDF डाउनलोड करें

भविष्य में आसानी से पढ़ने के लिए इसे सुरक्षित रखें। नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

इसे दूसरों के साथ साझा करें

श्री शिव चालीसा 🙏 | Shiv Chalisa Full | Suresh Wadkar Shiv Bhajan | Mahadev Bhakti Song | Har Har Mahadev

🔱🙏 श्री शिव चालीसा | Shiv Chalisa | भगवान शिव भजन | Mahadev Bhakti Song 🙏🔱 भगवान शिव जिन्हें महादेव, भोलेनाथ और देवों के देव कहा जाता है, हिंदू धर्म में सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। शिव जी को करुणा, शक्ति और कल्याण का स्वरूप माना जाता है। भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। इस वीडियो में प्रस्तुत है शिव चालीसा (Shiv Chalisa), जिसमें भगवान भोलेनाथ की महिमा, स्वरूप और भक्तों पर उनकी कृपा का वर्णन किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव चालीसा का पाठ मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। 🔱 Song Details: 🎵 Bhajan: Shiv Chalisa 💿 Album Name: Shri Somnath Amritwani - Shiv Chalisa 🎤 Singer: Suresh Wadkar 🎼 Composer: Shekhar Sen ✍️ Lyrics: Traditional 🎶 Music Label: T-Series

मंत्र / Mantra

चालीसा / Chalisa

कथा / Katha

भजन / Bhajan

आरती/ Aarti

भगवान / God

साईं बाबा मंत्र जाप करते हुए शिरडी साईं बाबा का दिव्य स्वरूप

श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba)​

भगवान और गुरु पर सच्चा विश्वास मनुष्य के जीवन को बदल सकता है। श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba) की शिक्षाएं भी इसी सत्य को दर्शाती हैं। उनका संदेश था कि जीवन में

भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman)​

भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman) सनातन धर्म में भक्ति, निष्ठा और अपार शक्ति के सबसे महान प्रतीकों में माने जाते हैं। Bhakti Margdarshan के अनुसार जब कोई भक्त बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के

भगवान श्री राम (Lord Shri Ram)​

भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक माने जाते हैं। उन्हें धर्म, सत्य, साहस और आदर्श जीवन का प्रतीक माना जाता है। वैष्णव परंपरा में श्रीराम को भगवान

भगवान श्री गणेश जी (Lord Shri Ganesha)

भगवान श्री गणेश (Lord Shree Ganesha) – प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता की सम्पूर्ण कथा और महिमा भगवान श्री गणेश (Lord Shree Ganesha) हिंदू धर्म के सबसे प्रिय और प्रथम पूज्य देवताओं में गिने जाते हैं। Bhakti

मंदिर (Temple)

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर (Kashtabhanjan Hanuman Mandir Salangpur)

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर, भगवान बजरंगबली को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। हिंदू धर्म में हनुमान जी को उनकी अपार शक्ति, असीम क्षमता और भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति के लिए

इस्कॉन मंदिर मुंबई (ISKCON Temple Mumbai)

श्री श्री राधा रासबिहारी इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और उनकी दिव्य संगिनी राधा को समर्पित है। “राधा रासबिहारी” नाम भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम और दिव्य लीलाओं का प्रतीक है, जैसा कि हिंदू शास्त्रों

हनुमान सेतु मंदिर लखनऊ (Hanuman Setu Mandir Lucknow)

भगवान श्री हनुमान हिंदू धर्म के अत्यंत शक्तिशाली और पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उन्हें भगवान शिव का अंश अवतार माना जाता है और वे बल, ज्ञान, भक्ति और अमरत्व के प्रतीक हैं। उन्हें

गणपतिपुले मंदिर रत्नागिरी (Ganpatipule Temple Ratnagiri)

गणपतिपुले मंदिर रत्नागिरी महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध और दिव्य गणेश मंदिरों में से एक है। यह पवित्र स्थल समुद्र तट के किनारे स्थित है और अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता तथा आध्यात्मिक शक्ति के लिए जाना

ब्लॉग / Blog

Scroll to Top