श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa)

होम >> श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa)

!! श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa) !!

श्री शनि चालीसा भगवान शनिदेव की आराधना का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पाठ है। हिंदू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ श्री शनि चालीसा का पाठ करके शनिदेव की कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा और चालीसा पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। इस लेख में आप श्री शनि चालीसा का संपूर्ण पाठ हिंदी में, पूजा विधि, महत्व और पाठ के लाभ की जानकारी प्राप्त करेंगे।

!! दोहा !!
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल । दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज । करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

!! चौपाई !!
जयति जयति शनिदेव दयाला ।करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥
चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥
परम विशाल मनोहर भाला । टेढई दृष्टि भृकुटि विकराला ॥
कुंडल श्रवण चमाचम चमके । हिये माल मुक्तन मणि दमके ॥
कर में गदा त्रिशूल कुठारा । पल बिच करैं आरिहिं संहारा ॥
पिंगल, कृष्णों, छाया, नंदन । यम, कोणस्थ, रौद्र, दुख भंजन॥
सौरी, मंद, शनि, दश नामा । भानु पुत्र पूजहिं सब कामा ॥
जा पर प्रभु प्रसन्न है जाहीम् । रंकहुं राव करैंक्षण माहीम् ॥
पर्वतहू तृण होई निहारत । तृण हू को पर्वत करि डारत॥
राज मिलत बन रामहिं दीन्हो । कैकेइहुं की मति हरि लीन्हों॥
बनहूं में मृग कपट दिखाई । मातु जानकी गी चतुराई॥
लखनहिं शक्ति विकल करि डारा । मचिगा दल में हाहाकारा॥
रावण की गति-मति बौराई । रामचंद्र सों बैर बढई॥
दियो कीट करि कंचन लंका । बजि बजरंग बीर की डंका॥
नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा । चित्र मयूर निगलि गै हारा॥
हार नौलाखा लाग्यो चोरी । हाथ पैर डरवायो तोरी॥
भारी दशा निकृष्ट दिखायो । तेलिहिं घर कोल्हू चलवायो॥
विनय राग दीपक महं कीन्होम् । तब प्रसन्न प्रभु है सुख दीन्हों॥
हरिश्चंद्र नृप नारि बिकानी । आपहुं भरे डोम घर पानी॥
तैसे नल परदशा सिरानी । भूंजी-मीन कूद गी पानी॥
श्री शंकरहि गहयो जब जाई । पार्वती को सती कराई॥
तनिक विलोकत ही करि रीसा । नभ उडि़ गयो गौरिसुत सीसा॥
पांडव पर भै दशा तुम्हारी । बची द्रौपदी होति उघारी॥
कौरव के भी गति मति मारयो । युद्घ महाभारत करि डारयो॥
रवि कहं मुख महं धरि तत्काला । लेकर कूदि परयो पाताला ॥
शेष देव-लखि विनती लाई । रवि को मुख ते दियो छुडई ॥
वाहन प्रभु के सात सुजाना । जग दिग्ज गर्दभ मृग स्वाना ॥
जंबुक सिंह आदि नखधारी । सो फल जज्योतिष कहत पुकारी ॥
गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैम् । हय ते सुख संपत्ति उपजावैम् ॥
गर्दभ हानि करै बहु काजा । गर्दभ सिद्घ कर राज समाजा ॥
जंबुक बुद्घि नष्ट कर डारै । मृग दे कष्ट प्रण संहारै ॥
जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी । चोरी आदि होय डर भारी ॥
तैसहि चारि चरण यह नामा । स्वर्ण लौह चांजी अरु तामा ॥
लौह चरण पर जब प्रभु आवैम् । धन जन संपत्ति नष्ट करावै ॥
समता ताम्र रजत शुभकारी । स्वर्ण सर्व सुख मंगल कारी ॥
जो यह शनि चरित्र नित गावै । कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै ॥
अदभुत नाथ दिखावैं लीला । करैं शत्रु के नशि बलि ढीला ॥
जो पंडित सुयोग्य बुलवाई । विधिवत शनि ग्रह शांति कराई ॥
पीपल जल शनि दिवस चढावत । दीप दान दै बहु सुख पावत ॥
कहत रामसुंदर प्रभु दासा । शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा ॥

!! दोहा !!
पाठ शनिश्चर देव को, की हों विमल तैयार । करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार ॥

श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa) – भगवान शनि देव की महिमा, पूजा विधि, महत्व और लाभ

भगवान शनि देव का परिचय

भगवान शनि देव हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक माने जाते हैं। शनि देव को न्याय के देवता, कर्मों का फल देने वाले और धर्म की रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उन्हें शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सफलता, स्थिरता एवं सुख की प्राप्ति होती है।

शनि देव की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि देव भगवान सूर्य देव और माता छाया के पुत्र हैं। बचपन से ही शनि देव भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव के परम भक्त माने जाते हैं।

शनि देव को न्याय का दायित्व प्राप्त है। वे बिना किसी भेदभाव के सभी प्राणियों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसी कारण उन्हें कर्मफल दाता कहा जाता है।

श्री शनि चालीसा का महत्व

श्री शनि चालीसा भगवान शनि देव की स्तुति और आराधना का पवित्र पाठ है। इसमें शनि देव के स्वरूप, शक्ति और कृपा का वर्णन किया गया है।

भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ शनि चालीसा का पाठ करके शनि देव से जीवन की बाधाओं को दूर करने और सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करते हैं।

शनि चालीसा में भगवान शनि देव को:

  • न्याय प्रदान करने वाला
  • संकटों को दूर करने वाला
  • भक्तों की रक्षा करने वाला
  • कर्मों का फल देने वाला

देवता बताया गया है।

भगवान शनि देव का स्वरूप

शनि देव का स्वरूप गंभीर और तेजस्वी माना जाता है। धार्मिक चित्रों में उन्हें:

  • काले वर्ण के दिव्य स्वरूप में
  • हाथ में दंड धारण किए हुए
  • कौवे पर सवार

दिखाया जाता है।

कौवा शनि देव का वाहन माना जाता है और यह न्याय एवं कर्म के संदेश का प्रतीक माना जाता है।

शनि चालीसा पाठ के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से श्री शनि चालीसा का पाठ करने से:

  • जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
  • मन में धैर्य और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
  • कर्मों को सुधारने की प्रेरणा मिलती है।
  • शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
  • जीवन में अनुशासन और स्थिरता आती है।

शनि देव की पूजा विधि

शनि देव की पूजा के लिए:

  1. शनिवार के दिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  3. सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें।
  4. काले तिल, उड़द और तेल का दान करें।
  5. श्रद्धा से शनि चालीसा और शनि मंत्र का जाप करें।

शनि देव का मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः॥

इस मंत्र का जाप शनि देव की कृपा और मानसिक शांति के लिए किया जाता है।

शनिवार का महत्व

शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त शनि मंदिर में जाकर पूजा करते हैं और जरूरतमंदों को दान करते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि अच्छे कर्म, सेवा और श्रद्धा से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

शनि देव और कर्म का संबंध

भगवान शनि देव हमें यह संदेश देते हैं कि जीवन में कर्मों का विशेष महत्व है। अच्छे कर्म करने वाला व्यक्ति हमेशा उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

शनि देव का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि व्यक्ति को सही मार्ग दिखाना और कर्मों का महत्व समझाना माना जाता है।

निष्कर्ष

श्री शनि चालीसा भगवान शनि देव की भक्ति और आराधना का पवित्र माध्यम है। शनि देव न्याय, कर्म और सत्य के प्रतीक माने जाते हैं।

श्रद्धा और विश्वास के साथ शनि चालीसा का पाठ करने से भक्तों को मानसिक शक्ति, धैर्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की अनुभूति होती है।

🙏 जय श्री शनि देव 🙏
🪐 ॐ शं शनैश्चराय नमः 🪐

👉 📥 फ्री PDF डाउनलोड करें

भविष्य में आसानी से पढ़ने के लिए इसे सुरक्षित रखें। नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

इसे दूसरों के साथ साझा करें

🙏 श्री शनि चालीसा | Shree Shani Chalisa Hindi English Lyrics | Shani Dev Bhajan | Mahendra Kapoor | Shani Bhakti 🪐

🪐🙏 श्री शनि चालीसा | Shree Shani Chalisa | Shani Dev Bhajan | Shani Upasana 🙏🪐 भगवान शनि देव हिंदू धर्म में न्याय और कर्मफल के देवता माने जाते हैं। शनि देव अपने भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं और जीवन में अनुशासन, धैर्य एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इस वीडियो में प्रस्तुत है श्री शनि चालीसा (Shree Shani Chalisa Hindi English Lyrics), जिसमें भगवान शनि देव की महिमा, शक्ति और कृपा का वर्णन किया गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ शनि चालीसा का पाठ और श्रवण करने से मन को शांति, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। 🪐 Song Details: 🎵 Bhajan: Shani Chalisa 💿 Album Name: Shani Upasana 🎤 Singer: Mahendra Kapoor 🎙️ Commentary: Rajesh Johri 🎶 Music Director: Shailendra Bhartti ✍️ Lyrics: Traditional 🎼 Music Label: T-Series

मंत्र / Mantra

चालीसा / Chalisa

कथा / Katha

भजन / Bhajan

आरती/ Aarti

भगवान / God

साईं बाबा मंत्र जाप करते हुए शिरडी साईं बाबा का दिव्य स्वरूप

श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba)​

भगवान और गुरु पर सच्चा विश्वास मनुष्य के जीवन को बदल सकता है। श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba) की शिक्षाएं भी इसी सत्य को दर्शाती हैं। उनका संदेश था कि जीवन में

भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman)​

भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman) सनातन धर्म में भक्ति, निष्ठा और अपार शक्ति के सबसे महान प्रतीकों में माने जाते हैं। Bhakti Margdarshan के अनुसार जब कोई भक्त बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के

भगवान श्री राम (Lord Shri Ram)​

भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक माने जाते हैं। उन्हें धर्म, सत्य, साहस और आदर्श जीवन का प्रतीक माना जाता है। वैष्णव परंपरा में श्रीराम को भगवान

भगवान श्री गणेश जी (Lord Shri Ganesha)

भगवान श्री गणेश (Lord Shree Ganesha) – प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता की सम्पूर्ण कथा और महिमा भगवान श्री गणेश (Lord Shree Ganesha) हिंदू धर्म के सबसे प्रिय और प्रथम पूज्य देवताओं में गिने जाते हैं। Bhakti

मंदिर (Temple)

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर (Kashtabhanjan Hanuman Mandir Salangpur)

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर, भगवान बजरंगबली को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। हिंदू धर्म में हनुमान जी को उनकी अपार शक्ति, असीम क्षमता और भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति के लिए

इस्कॉन मंदिर मुंबई (ISKCON Temple Mumbai)

श्री श्री राधा रासबिहारी इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और उनकी दिव्य संगिनी राधा को समर्पित है। “राधा रासबिहारी” नाम भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम और दिव्य लीलाओं का प्रतीक है, जैसा कि हिंदू शास्त्रों

हनुमान सेतु मंदिर लखनऊ (Hanuman Setu Mandir Lucknow)

भगवान श्री हनुमान हिंदू धर्म के अत्यंत शक्तिशाली और पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उन्हें भगवान शिव का अंश अवतार माना जाता है और वे बल, ज्ञान, भक्ति और अमरत्व के प्रतीक हैं। उन्हें

गणपतिपुले मंदिर रत्नागिरी (Ganpatipule Temple Ratnagiri)

गणपतिपुले मंदिर रत्नागिरी महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध और दिव्य गणेश मंदिरों में से एक है। यह पवित्र स्थल समुद्र तट के किनारे स्थित है और अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता तथा आध्यात्मिक शक्ति के लिए जाना

ब्लॉग / Blog

Scroll to Top