हिंदू मंत्र संग्रह / Hindu Mantra Sangrah
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दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय में महिषासुर के वध के बाद इन्द्र सहित सभी देवता देवी भगवती की स्तुति करते हैं। इस अध्याय में देवी के दिव्य स्वरूप, उनकी शक्ति, करुणा और भक्तों की रक्षा
दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय में महिषासुर वध की पूरी कथा का वर्णन मिलता है। इस अध्याय में देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए भयंकर युद्ध, महिषासुर के अलग-अलग रूपों तथा देवी द्वारा उसके वध
दुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय में देवताओं के तेज से देवी के दिव्य प्राकट्य, उन्हें प्राप्त हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और महिषासुर की विशाल सेना के साथ हुए भयंकर युद्ध का वर्णन है। यहाँ संस्कृत पाठ के
दुर्गा सप्तशती प्रथम अध्याय में मधु-कैटभ वध, राजा सुरथ और समाधि की कथा, मेधा ऋषि द्वारा महामाया की शक्ति का वर्णन तथा भगवान विष्णु के जागरण का प्रसंग मिलता है। यहाँ प्रथम अध्याय का संस्कृत
सप्तशतीन्यास दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले की जाने वाली महत्वपूर्ण पारंपरिक विधि है। इसमें विनियोग, करन्यास, हृदयादिन्यास और देवी के ध्यान मंत्र का विधान बताया गया है। इस पोस्ट में सभी मंत्रों के साथ
दुर्गा सप्तशती के वेदोक्त रात्रिसूक्तम् का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक ऋचा के सरल हिंदी अर्थ, रात्रि देवी का महत्व, पाठ से जुड़ी जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न इस पोस्ट में पढ़ें।
श्री दुर्गा सप्तशती पाठ की सही विधि-विधान, पूजा की तैयारी, संकल्प, पारंपरिक पाठ क्रम, 13 अध्यायों का सही क्रम, शापोद्धार, उत्कीलन और पाठ के जरूरी नियम सरल हिंदी में जानें।
श्री सप्तश्लोकी दुर्गा का संपूर्ण पाठ पढ़ें। इसमें भगवान शिव और देवी के संवाद, विनियोग, सातों श्लोक और उनके सरल हिंदी अर्थ दिए गए हैं।
सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ हिंदी में पढ़ें। इस लेख में सभी 13 अध्यायों के साथ देवी कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक, सूक्त, रहस्य और अन्य महत्वपूर्ण पाठों के लिंक एक ही स्थान पर दिए गए हैं।
दीपावली 2026 का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। जानें दीपावली की तिथि, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, अमावस्या तिथि, पूजा सामग्री, पूजा विधि, भगवान श्रीराम से जुड़ी कथा और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
