चालीसा (Chalisa)
चालीसा (Chalisa)
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी. निरंकार है ज्योति तुम्हारी. तिहूँ लोक फैली उजियारी. शशी ललाट मुख महा विशाला. नेत्र लाल भृकुटी विकराला. रुप मातु को अधिक सुहावे. दरश करत जन अति सुख पावे. तुम संसार
नित्य आनंद करिणी माता, वर अरु अभय भाव प्रख्याता । जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी, अखिल पाप हर भव-भय-हरनी । श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि, संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि । काशी पुराधीश्वरी माता, माहेश्वरी सकल जग त्राता
जय-जय-जय नर्मदा भवानी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी। अमरकण्ठ से निकली माता, सर्व सिद्धि नव निधि की दाता ॥ कन्या रूप सकल गुण खानी, जब प्रकटीं नर्मदा भवानी। सप्तमी सुर्य मकर रविवारा, अश्वनि माघ मास अवतारा ॥ वाहन मकर आपको
भगवान / God
भगवान और गुरु पर सच्चा विश्वास मनुष्य के जीवन को बदल सकता है। श्री शिरडी साईं बाबा (Shri Shirdi Sai Baba) की शिक्षाएं भी इसी सत्य को दर्शाती हैं। उनका संदेश था कि जीवन में
भगवान श्री हनुमान (Lord Shree Hanuman) सनातन धर्म में भक्ति, निष्ठा और अपार शक्ति के सबसे महान प्रतीकों में माने जाते हैं। Bhakti Margdarshan के अनुसार जब कोई भक्त बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के
मंदिर (Temple)
वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर का इतिहास, श्री बांके बिहारी जी के प्राकट्य की परंपरा, स्वामी हरिदास जी से संबंध, दर्शन समय और मंदिर की विशेष सेवा-पद्धति विस्तार से जानें।
प्रेम मंदिर वृंदावन भगवान श्रीराधा-कृष्ण और श्रीसीताराम को समर्पित भव्य मंदिर है। जानिए इसका इतिहास, वास्तुकला, दर्शन समय, कृष्ण लीला की झांकियां और म्यूजिकल एवं डिजिटल फाउंटेन की पूरी जानकारी।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। जानिए घुश्मा की अद्भुत शिवभक्ति से जुड़ी पौराणिक कथा, मंदिर का इतिहास, अहिल्याबाई होलकर का योगदान, शानदार वास्तुकला, पूजा-पद्धति, दर्शन
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाराष्ट्र के सह्याद्री पर्वतों में स्थित इस पवित्र मंदिर से भीमासुर की कथा, प्राचीन इतिहास, सुंदर नागर स्थापत्य, भीमा नदी और प्राकृतिक सौंदर्य
