खाटू श्याम जी की आरती (Khatu Shyam Ji Ki Aarti Lyrics)

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खाटू श्याम जी की दिव्य प्रतिमा और मंदिर का भक्तिमय दृश्य

खाटू श्याम जी की आरती (Khatu Shyam Ji Ki Aarti Lyrics)

खाटू श्याम जी की आरती (Khatu Shyam Ji Ki Aarti Lyrics) बाबा श्याम के भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। खाटू श्याम जी को भगवान श्रीकृष्ण के कलियुग में पूजित स्वरूप के रूप में माना जाता है। भक्त प्रतिदिन बाबा श्याम की पूजा करके आरती करते हैं और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि तथा मंगल की प्रार्थना करते हैं।

इस लेख में पढ़ें खाटू श्याम जी की आरती हिंदी में, आरती का समय, पूजा विधि, भोग, अरदास, बाबा श्याम की प्रचलित कथा और खाटू धाम पहुँचने से जुड़ी उपयोगी जानकारी।

॥ खाटू श्याम जी की आरती ॥

ॐ जय श्रीश्याम हरे, प्रभु जय श्रीश्याम हरे।
निज भक्तन के तुमने पूरण काम करे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे।
पीत बसन पीताम्बर, कुण्डल कर्ण पड़े॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

रत्नसिंहासन राजत, सेवक भक्त खड़े।
खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जरे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

मोदक खीर चूरमा, सुवर्ण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सिर पर चंवर दुरे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

झांझ, नागारा और घड़ियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावें, जय जयकार करे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जब निज मुख से, श्रीश्याम श्याम उचरे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

श्रीश्याम बिहारीजी की आरती, जो कोई नर गावे।
गावत दासमनोहर, मन वांछित फल पावे॥
हरि ॐ जय श्रीश्याम हरे…

खाटू श्याम जी की आरती का समय

खाटू श्याम मंदिर में प्रतिदिन पाँच प्रमुख आरतियाँ की जाती हैं। इनके नाम मंगला आरती, श्रृंगार आरती, भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती हैं।

मंदिर की प्रकाशित समय-सारणी में गर्मी और सर्दी के मौसम के अनुसार आरती का समय अलग-अलग बताया जाता है।

आरती का नाम गर्मियों में सर्दियों में
मंगला आरती सुबह 4:30 बजे सुबह 5:30 बजे
श्रृंगार आरती सुबह 7:00 बजे सुबह 8:00 बजे
भोग आरती दोपहर 12:30 बजे दोपहर 12:30 बजे
संध्या आरती शाम 7:30 बजे शाम 6:30 बजे
शयन आरती रात 10:00 बजे रात 9:00 बजे

महत्वपूर्ण सूचना: ये प्रकाशित सामान्य समय हैं। विशेष पर्वों, मेले, मंदिर की व्यवस्थाओं और मौसमी बदलावों के कारण समय अलग हो सकता है। दर्शन के लिए निकलने से पहले मंदिर की वर्तमान समय-सारणी की पुष्टि कर लें।

पाँचों आरतियों का महत्व

1. मंगला आरती: यह प्रातःकाल की आरती है, जो मंदिर खुलने के समय की जाती है। भक्त इसे दिन की शुभ शुरुआत के रूप में देखते हैं।

2. श्रृंगार आरती: इसमें बाबा श्याम के श्रृंगार और सुसज्जित स्वरूप के दर्शन का विशेष महत्व होता है।

3. भोग आरती: इस समय बाबा को भोग अर्पित किया जाता है। भक्त श्रद्धानुसार फल, मिठाई या अन्य प्रसाद चढ़ाते हैं।

4. संध्या आरती: शाम के समय होने वाली आरती में भक्त दीपक, भजन और जयकारों के साथ बाबा श्याम का स्मरण करते हैं।

5. शयन आरती: यह रात्रि की आरती है, जो मंदिर के रात्रिकालीन विश्राम से पहले की जाती है।

घर पर खाटू श्याम जी की आरती कैसे करें?

यदि आप खाटू धाम नहीं जा सकते, तो घर के पूजा स्थान पर भी बाबा श्याम की तस्वीर या प्रतिमा के सामने श्रद्धापूर्वक आरती कर सकते हैं।

  1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान को साफ करें।
  2. बाबा श्याम की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएँ।
  3. श्रद्धानुसार फूल, फल या मिठाई अर्पित करें।
  4. धूप या अगरबत्ती जलाएँ, यदि आपके घर में इसकी परंपरा है।
  5. हाथ जोड़कर खाटू श्याम जी की आरती गाएँ।
  6. आरती के बाद बाबा श्याम से परिवार के मंगल, सद्बुद्धि और सुख-शांति की प्रार्थना करें।
  7. प्रसाद परिवार के सदस्यों में बाँट दें।

पूजा के लिए किसी महँगी सामग्री की अनिवार्यता नहीं है। अपनी सामर्थ्य और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करना पर्याप्त है।

खाटू श्याम जी को भोग में क्या चढ़ाएँ?

भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार बाबा श्याम को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करते हैं। आरती के प्रचलित पाठों में खीर, मोदक और चूरमा का उल्लेख मिलता है।

भोग में आप निम्न सामग्री रख सकते हैं:

  • चूरमा या लड्डू
  • खीर
  • फल
  • मिश्री या अन्य मिठाई
  • स्वच्छ जल
  • फूल और तुलसी के अतिरिक्त अन्य पूजा सामग्री, अपनी परंपरा के अनुसार

भोग हमेशा स्वच्छता से तैयार करें और मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए वहाँ लागू नियमों का पालन करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानना आवश्यक नहीं है।

खाटू श्याम जी की अरदास कैसे करें?

आरती के बाद बाबा श्याम के सामने हाथ जोड़कर अपने मन की बात कहना भी भक्तों की परंपरा का हिस्सा है। अरदास करते समय मन को शांत रखें और अपनी प्रार्थना सरल शब्दों में व्यक्त करें।

आप इस प्रकार प्रार्थना कर सकते हैं:

हे बाबा श्याम! हमें सद्बुद्धि प्रदान करें। हमारे परिवार में सुख-शांति बनाए रखें। हमें सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें और कठिन समय में धैर्य तथा साहस प्रदान करें। हमारे मन में श्रद्धा, सेवा और दूसरों के प्रति सद्भाव बनाए रखें। आपकी कृपा से हम अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।

जय श्री श्याम!

भक्त प्रचलित श्री श्याम विनती या अपनी परंपरा में गाई जाने वाली अरदास का पाठ भी कर सकते हैं। अलग-अलग भजन और विनती के पाठों में शब्दों का अंतर हो सकता है।

खाटू श्याम जी की कथा

खाटू श्याम जी की प्रचलित धार्मिक कथा महाभारत के वीर बर्बरीक से जुड़ी है। बर्बरीक को घटोत्कच और माता मोरवी का पुत्र तथा भीम का पौत्र माना जाता है।

लोकप्रचलित कथा के अनुसार, बर्बरीक को तीन अमोघ बाण प्राप्त थे। उन्होंने अपनी माता को वचन दिया था कि महाभारत युद्ध में वे सदैव हारने वाले पक्ष का साथ देंगे।

जब भगवान श्रीकृष्ण को बर्बरीक की शक्ति और उनके वचन के परिणाम का पता चला, तब उन्होंने ब्राह्मण का रूप धारण करके उनकी परीक्षा ली। कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे शीश का दान माँगा। बर्बरीक ने अपना शीश दान कर दिया।

उनके इस महान त्याग से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में अपने नाम श्याम से पूजे जाने का वरदान दिया, ऐसी धार्मिक मान्यता है। इसी कारण भक्त खाटू श्याम जी को हारे का सहारा भी कहते हैं।

यह कथा भक्तों में त्याग, समर्पण और ईश्वर के प्रति विश्वास का संदेश देती है।

खाटू श्याम मंदिर कहाँ स्थित है?

खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है। यह उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। देश के अलग-अलग भागों से श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने आते हैं।

मंदिर का संबंध बर्बरीक की कथा और खाटू धाम की धार्मिक परंपरा से जुड़ा है। यहाँ सामान्य दिनों के साथ-साथ एकादशी और फाल्गुन मेले के दौरान भी बड़ी संख्या में भक्त पहुँचते हैं।

खाटू श्याम मंदिर का पता

श्री खाटू श्याम मंदिर
खाटू गाँव, जिला सीकर
राजस्थान, भारत

पिन कोड: 332602

खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुँचें?

रेल मार्ग से: रींगस जंक्शन खाटू श्याम मंदिर के निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार, स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 17 किमी है। स्टेशन से टैक्सी, जीप या अन्य स्थानीय साधनों से खाटू पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्ग से: जयपुर, सीकर और आसपास के शहरों से खाटू धाम के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। बस या निजी वाहन से यात्रा की जा सकती है।

हवाई मार्ग से: जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक प्रमुख विकल्प है। वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा खाटू धाम पहुँचा जा सकता है।

यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन, बस और स्थानीय परिवहन की वर्तमान उपलब्धता जाँच लें। मेले और विशेष पर्वों के दौरान यातायात तथा पार्किंग व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग हो सकती है।

खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए उपयोगी सुझाव

  • दर्शन पर जाने से पहले मंदिर की वर्तमान समय-सारणी देख लें।
  • एकादशी और फाल्गुन मेले जैसे अवसरों पर अधिक भीड़ हो सकती है।
  • यात्रा के लिए पर्याप्त समय रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
  • मंदिर में लागू मोबाइल, फोटोग्राफी, प्रसाद और अन्य प्रवेश नियमों की जानकारी पहले ले लें।
  • बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हों, तो पानी, आवश्यक दवाएँ और विश्राम की व्यवस्था रखें।
  • मंदिर परिसर और आसपास की सफाई बनाए रखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. खाटू श्याम जी की आरती के बोल क्या हैं?

खाटू श्याम जी की आरती का एक प्रचलित मुखड़ा “ॐ जय श्री श्याम हरे” है। इस लेख में आरती का एक पाठ हिंदी में दिया गया है। अलग-अलग प्रचलित संस्करणों में शब्दों का अंतर मिल सकता है।

2. खाटू श्याम जी की आरती कितने बजे होती है?

मंदिर में प्रतिदिन पाँच प्रमुख आरतियाँ होती हैं—मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती। इनके समय में गर्मी और सर्दी के अनुसार बदलाव होता है।

3. खाटू श्याम जी की आरती सुबह या शाम कब करनी चाहिए?

घर पर भक्त अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सुबह या शाम आरती कर सकते हैं। मंदिर की आरती के समय और घर की पूजा के समय में अंतर हो सकता है।

4. खाटू श्याम जी को कौन-सा भोग लगाना चाहिए?

श्रद्धानुसार खीर, चूरमा, लड्डू, फल या अन्य मिठाई अर्पित की जा सकती है। मंदिर में भोग चढ़ाते समय वहाँ के नियमों का पालन करें।

5. खाटू श्याम जी की आरती के बाद कौन-सी अरदास करनी चाहिए?

भक्त अपनी परंपरा के अनुसार श्री श्याम विनती या अन्य प्रचलित अरदास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बाबा श्याम से सुख-शांति, सद्बुद्धि और परिवार के मंगल की प्रार्थना सरल शब्दों में भी की जा सकती है।

6. खाटू श्याम जी को हारे का सहारा क्यों कहते हैं?

बाबा श्याम को हारे का सहारा कहने की मान्यता उनकी धार्मिक कथा और भगवान श्रीकृष्ण के वरदान से जुड़ी है। भक्त कठिन परिस्थितियों में बाबा श्याम का स्मरण करके साहस और आशा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

7. खाटू श्याम मंदिर कहाँ है?

खाटू श्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन रींगस जंक्शन है, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर पहुँचा जा सकता है।

8. क्या घर पर खाटू श्याम जी की आरती कर सकते हैं?

हाँ, घर के पूजा स्थान पर बाबा श्याम की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आरती की जा सकती है।

9. क्या खाटू श्याम जी की आरती PDF में डाउनलोड कर सकते हैं?

इस लेख को ब्राउज़र के Print विकल्प से PDF के रूप में सेव किया जा सकता है। अलग डाउनलोड बटन तभी उपलब्ध होगा, जब वेबसाइट पर वास्तविक PDF फ़ाइल अपलोड की गई हो।

10. खाटू श्याम जी की आरती का क्या महत्व है?

आरती भक्तों के लिए श्रद्धा, समर्पण और ईश्वर के स्मरण का माध्यम है। भक्त इसे पूजा के समय गाकर बाबा श्याम से सुख-शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।

निष्कर्ष

खाटू श्याम जी की आरती बाबा श्याम के प्रति भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। घर पर आरती करने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार दीपक जलाकर पूजा कर सकते हैं, जबकि खाटू धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के वर्तमान समय और यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी पहले लेनी चाहिए।

इस लेख में खाटू श्याम जी की आरती के बोल, पूजा विधि, भोग, अरदास, धार्मिक कथा, आरती का समय और मंदिर पहुँचने की जानकारी एक ही स्थान पर दी गई है। बाबा श्याम सभी भक्तों को सद्बुद्धि, धैर्य और सेवा भाव प्रदान करें।

जय श्री श्याम!

वीडियो शीर्षक: श्री खाटू श्याम जी की आरती | Best Morning Aarti | Tara Devi | Khatu Shyam Aarti | Saawariya

वीडियो क्रेडिट: Saawariya Music – Official YouTube Channel गायक: Tara Devi संगीत: Vikash Kumar लेबल: Vianet Media मूल वीडियो: YouTube पर देखें साभार: Saawariya Music। वीडियो के सभी अधिकार संबंधित कॉपीराइट धारकों के पास सुरक्षित हैं।

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