Author name: bhaktimarg2018

दुर्गा सप्तशती सातवाँ अध्याय चण्ड-मुण्ड वध
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

दुर्गा सप्तशती का सातवाँ अध्याय हिंदी में (Durga Saptashati Saptam Adhyay)

दुर्गा सप्तशती के सातवें अध्याय में चण्ड और मुण्ड के वध का वर्णन मिलता है। इसमें काली देवी के प्राकट्य, असुर सेना के संहार और चामुण्डा नाम प्राप्त होने की कथा सरल हिंदी में पढ़ें।

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दुर्गा सप्तशती छठा अध्याय धूम्रलोचन वध बैनर
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

दुर्गा सप्तशती छठा अध्याय हिंदी में (Durga Saptashati Shashtham Adhyay)

दुर्गा सप्तशती का छठा अध्याय धूम्रलोचन-वध के नाम से जाना जाता है। इसमें शुम्भ के आदेश पर धूम्रलोचन का देवी के पास पहुँचना, देवी के हुंकार से उसका भस्म होना और देवी के सिंह द्वारा असुर सेना के संहार का वर्णन मिलता है।

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दुर्गा सप्तशती पाँचवाँ अध्याय में देवी भगवती
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

दुर्गा सप्तशती पाँचवाँ अध्याय हिंदी में (Durga Saptashati Pancham Adhyay)

दुर्गा सप्तशती पाँचवाँ अध्याय हिंदी में देवी की स्तुति, कौशिकी देवी के प्रकट होने और शुम्भ के दूत के साथ देवी के संवाद की कथा को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है।

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दुर्गा सप्तशती चतुर्थ अध्याय में देवताओं द्वारा देवी की स्तुति
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दुर्गा सप्तशती चतुर्थ अध्याय: महिषासुर वध के बाद देवताओं द्वारा देवी की स्तुति | Durga Saptashati Chaturth Adhyay

दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय में महिषासुर के वध के बाद इन्द्र सहित सभी देवता देवी भगवती की स्तुति करते हैं। इस अध्याय में देवी के दिव्य स्वरूप, उनकी शक्ति, करुणा और भक्तों की रक्षा करने वाली महिमा का सुंदर वर्णन मिलता है।

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दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय में देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर वध
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दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय: महिषासुर वध की पूरी कथा और पाठ (Durga Saptashati Tritay Adhyay)

दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय में महिषासुर वध की पूरी कथा का वर्णन मिलता है। इस अध्याय में देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए भयंकर युद्ध, महिषासुर के अलग-अलग रूपों तथा देवी द्वारा उसके वध की कथा सरल भाषा में पढ़ें और जानें इस अध्याय का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व।

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दुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय में देवी के प्रकट होने और महिषासुर की सेना से युद्ध का दृश्य
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

दुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय (Durga Saptashati Dwitiya Adhyay)

दुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय में देवताओं के तेज से देवी के दिव्य प्राकट्य, उन्हें प्राप्त हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और महिषासुर की विशाल सेना के साथ हुए भयंकर युद्ध का वर्णन है। यहाँ संस्कृत पाठ के साथ सरल हिंदी अर्थ और विस्तृत प्रसंग पढ़ें।

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दुर्गा सप्तशती प्रथम अध्याय में भगवान विष्णु और मधु-कैटभ वध का दृश्य
ब्लॉग (Blog)

दुर्गा सप्तशती प्रथम अध्याय (Durga Saptashati Pratham Adhyay)

दुर्गा सप्तशती प्रथम अध्याय में मधु-कैटभ वध, राजा सुरथ और समाधि की कथा, मेधा ऋषि द्वारा महामाया की शक्ति का वर्णन तथा भगवान विष्णु के जागरण का प्रसंग मिलता है। यहाँ प्रथम अध्याय का संस्कृत पाठ और सरल हिंदी अर्थ विस्तार से पढ़ें।

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सप्तशतीन्यास में देवी दुर्गा का दिव्य स्वरूप
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

श्री दुर्गा सप्तशती—सप्तशतीन्यास (Shri Durga Saptashati—Saptashatinyas)

सप्तशतीन्यास दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले की जाने वाली महत्वपूर्ण पारंपरिक विधि है। इसमें विनियोग, करन्यास, हृदयादिन्यास और देवी के ध्यान मंत्र का विधान बताया गया है। इस पोस्ट में सभी मंत्रों के साथ सरल हिंदी अर्थ भी दिए गए हैं।

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नवार्ण विधि दुर्गा सप्तशती नवार्ण मंत्र
दुर्गा मंत्र (Durga Mantra)

श्री दुर्गा सप्तशती नवार्ण विधि (Shri Durga Saptashati Navarna Vidhi)

श्री दुर्गा सप्तशती की नवार्ण विधि में विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, हृदयादिन्यास, अक्षरन्यास, दिङ्न्यास, देवी ध्यान, माला पूजन और नवार्ण मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” के 108 बार जप की संपूर्ण पारंपरिक विधि पढ़ें।

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