Author name: bhaktimarg2018

चालीसा (Chalisa)

श्री दत्तात्रेय चालीसा (Shri Dattatreya Chalisa)

जय दिगम्बर दत्त दयाला। कृपा सिन्धु सुख सागर नाला॥
त्रिमूर्ति रूप तुम्हारो भारी। ब्रह्मा विष्णु शंकर अवतारी॥
जय दत्त गुरु अद्भुत स्वामी। पारब्रह्म परमानन्द धामी॥
अज जन्म अज योगीश्वर राजा। मायापति जग के त्राता॥
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु साखी। गुरु देवो महेश्वर राखी॥
गुरु साक्षात परब्रह्म दयाला। दत्तात्रेय करहु निहाला॥
अनसूया घर जन्म तुम्हारा। तीनों लोक भयो उजियारा॥

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चालीसा (Chalisa)

श्री जगन्नाथ चालीसा (Shri Jagannath Chalisa)

जय जगन्नाथ दयालु दया निधान।
करुणा रस सिन्धु नयन अन्धकार।।
कटकट धनुस विराजत शंखाधार।
मुख में कमल नैनन में चकार।।
कनकमय शीश नव चारु चंद्र भाला।
नख सिखर छवि गंजित सोहे बाला।।

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चालीसा (Chalisa)

श्री हनुमान चालीसा (Shri Hanuman Chalisa)

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनिपुत्र पवन सुत नामा॥
महावीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमिति के संगी॥
कंचन वरन विराज सुवेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥४॥

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चालीसा (Chalisa)

श्री दुर्गा चालीसा (Shri Durga Chalisa)

नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.
निरंकार है ज्योति तुम्हारी. तिहूँ लोक फैली उजियारी.
शशी ललाट मुख महा विशाला. नेत्र लाल भृकुटी विकराला.
रुप मातु को अधिक सुहावे. दरश करत जन अति सुख पावे.
तुम संसार शक्ति लय कीना. पालन हेतु अन्न धन धन दीना.

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चालीसा (Chalisa)

श्री अन्नपूर्णा चालीसा (Shri Annapurna Chalisa)

नित्य आनंद करिणी माता, वर अरु अभय भाव प्रख्याता ।
जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी, अखिल पाप हर भव-भय-हरनी ।
श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि, संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि ।
काशी पुराधीश्वरी माता, माहेश्वरी सकल जग त्राता ।
वृषभारुढ़ नाम रुद्राणी, विश्व विहारिणि जय ! कल्याणी ।
पतिदेवता सुतीत शिरोमणि, पदवी प्राप्त कीन्ह गिरी नंदिनि ।
पति विछोह दुःख सहि नहिं पावा, योग अग्नि तब बदन जरावा ।

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चालीसा (Chalisa)

श्री नर्मदा चालीसा (Shri Narmada Chalisa)

जय-जय-जय नर्मदा भवानी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
अमरकण्ठ से निकली माता, सर्व सिद्धि नव निधि की दाता ॥
कन्या रूप सकल गुण खानी, जब प्रकटीं नर्मदा भवानी।
सप्तमी सुर्य मकर रविवारा, अश्वनि माघ मास अवतारा ॥
वाहन मकर आपको साजैं, कमल पुष्प पर आप विराजैं।
ब्रह्मा हरि हर तुमको ध्यावैं, तब ही मनवांछित फल पावैं ॥

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Gujarat

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर (Kashtabhanjan Hanuman Mandir Salangpur)

कष्टभंजन हनुमान मंदिर सालंगपुर, भगवान बजरंगबली को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। हिंदू धर्म में हनुमान जी को उनकी अपार शक्ति, असीम क्षमता और भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति के लिए जाना जाता है।

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