ब्लॉग (Blog)
श्री सप्तश्लोकी दुर्गा का संपूर्ण पाठ पढ़ें। इसमें भगवान शिव और देवी के संवाद, विनियोग, सातों श्लोक और उनके सरल हिंदी अर्थ दिए गए हैं।
सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ हिंदी में पढ़ें। इस लेख में सभी 13 अध्यायों के साथ देवी कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक, सूक्त, रहस्य और अन्य महत्वपूर्ण पाठों के लिंक एक ही स्थान पर दिए गए हैं।
दीपावली 2026 का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। जानें दीपावली की तिथि, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, अमावस्या तिथि, पूजा सामग्री, पूजा विधि, भगवान श्रीराम से जुड़ी कथा और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
नरक चतुर्दशी 2026 यानी छोटी दिवाली के दिन अभ्यंग स्नान, दीपदान और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी नरकासुर वध की कथा का विशेष महत्व माना जाता है। जानें तिथि, पूजा विधि, परंपराएं और धार्मिक महत्व।
धनतेरस 2026 का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। जानें धनतेरस की तिथि, त्रयोदशी समय, शहर के अनुसार पूजा मुहूर्त, पूजा सामग्री, लक्ष्मी-कुबेर पूजन, भगवान धन्वंतरि और यम दीपक की परंपरा।
करवा चौथ 2026 का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। जानें करवा चौथ की तिथि, व्रत विधि, पूजा सामग्री, पूजा मुहूर्त, चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि और प्रसिद्ध करवा चौथ की कथा।
नवरात्रि 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी। जानिए कलश स्थापना, नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, अष्टमी, महानवमी, दशहरा, व्रत, कन्या पूजन और पूजा से जुड़े जरूरी नियम।
श्री लक्ष्मी के 108 नाम माता लक्ष्मी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और गुणों का स्मरण कराने वाले पवित्र नाम हैं। यहां लक्ष्मी जी के 108 नाम अर्थ सहित दिए गए हैं, जिन्हें श्रद्धापूर्वक पढ़कर भक्त
वृंदावन के 23 प्रमुख मंदिरों और पवित्र स्थलों का विस्तृत दर्शन-मार्ग। जानिए बाँके बिहारी से लेकर निधिवन, राधा रमण, केशी घाट, प्रेम मंदिर और इस्कॉन तक हर स्थान का धार्मिक महत्व।
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हिंदू त्योहार (Hindu Festivals)
- दीपावली 2026 (Diwali 2026): तिथि, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
- नरक चतुर्दशी 2026 (Naraka Chaturdashi 2026): छोटी दिवाली, तिथि, पूजा विधि और महत्व
- धनतेरस 2026 (Dhanteras 2026): तिथि, पूजा मुहूर्त, पूजा विधि, सामग्री, यम दीपक और महत्व
- करवा चौथ 2026 (Karwa Chauth 2026): तिथि, व्रत विधि, पूजा सामग्री, कथा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का तरीका
- नवरात्रि 2026 (Navratri 2026): तिथि, कलश स्थापना, 9 दिनों की पूजा, माता के नौ रूप और व्रत के नियम
हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)
- वैकृतिकं रहस्यम् – दुर्गा सप्तशती पाठ | Vaikritikam Rahasyam in Hindi
- दुर्गा सप्तशती देवीमयी | देवीमयी स्तुति का पाठ और हिन्दी अर्थ | Durga Saptshati Devimayi Path Hindi me
- सिद्ध सम्पुट मन्त्र – दुर्गा सप्तशती पाठ | Siddh Samput Mantra in Hindi
- दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम माला – दुर्गा सप्तशती पाठ | Durga Dvatrimshannama Mala in Hindi
- क्षमा-प्रार्थना – दुर्गा सप्तशती पाठ | Shama Prarthana in Hindi
हिंदू पौराणिक कथाएँ (Hindu Mythology)
- विभीषण चरित्र – रावण के भाई होकर भी धर्म का साथ देने वाले महान विभीषण की कथा (Vibhishan Charitra)
- निषादराज गुह की कथा – श्रीराम के परम मित्र, प्रेम और समर्पण की अद्भुत कथा (Nishadraj Guha Katha)
- महादेव के हाथ में डमरू क्यों रहता है? जानिए डमरू का दिव्य रहस्य और अद्भुत महत्व (Shiv Damaru Mahatva)
- महादेव के मस्तक पर चंद्रमा क्यों विराजते हैं? जानिए चंद्रशेखर बनने की अद्भुत कथा (Chandra Shekhar Mahadev)
- भगवान शिव की जटाओं में क्यों समाईं मां गंगा? जानिए गंगावतरण की अद्भुत कथा (Ganga Avataran Katha)
ब्लॉग / Blog
हनुमान जी के माता-पिता कौन थे? जानिए माता अंजना, वानरराज केसरी और पवनदेव से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं तथा हनुमान जी के प्रमुख नामों का महत्व।
हनुमान जी के गुरु कौन थे? जानिए सूर्यदेव को उनका प्रमुख गुरु क्यों माना जाता है और नारद तथा मतंग ऋषि से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में।
हनुमान जी का बचपन अद्भुत लीलाओं, बाल शरारतों और प्रेरणादायक घटनाओं से भरा था। जानिए उनके बाल्यकाल की प्रसिद्ध कथाएँ और उनसे मिलने वाली सीख।
भगवान हनुमान का चरित्र शक्ति, भक्ति, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा का अनुपम उदाहरण है। जानिए उनके व्यक्तित्व के प्रमुख गुण और उनसे मिलने वाली जीवन की प्रेरणा।
हनुमान जी के कौन-से गुण भगवान श्रीराम को सबसे अधिक प्रिय थे? जानिए उनकी भक्ति, सेवा, विनम्रता, साहस और समर्पण से जुड़ी प्रेरणादायक बातें।
हनुमान जी के प्रमुख गुण केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सफल और प्रेरणादायक जीवन जीने की सीख भी देते हैं। इस लेख में उनके 10 प्रमुख गुण, उनका महत्व और जीवन में अपनाने
हनुमान जी को सनातन धर्म के सात चिरंजीवियों में से एक माना जाता है। इस लेख में जानें हनुमान जी अमर क्यों हैं, उन्हें अमरत्व कैसे मिला, श्रीराम का वरदान, धार्मिक मान्यताएँ और इससे मिलने
हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी क्यों कहा जाता है? क्या उन्होंने वास्तव में विवाह नहीं किया था? इस लेख में जानिए हनुमान जी के ब्रह्मचर्य का वास्तविक अर्थ, शास्त्रीय प्रमाण, सुवर्चला विवाह की कथा और
हनुमान जी का वास्तविक नाम मारुति माना जाता है। इस लेख में जानिए हनुमान नाम कैसे पड़ा, मारुति का अर्थ क्या है और हनुमान जी के प्रमुख नामों का महत्व।
हनुमान जी का पंचमुखी स्वरूप पाँच दिव्य मुखों—वानर, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव—से युक्त है। इस लेख में जानिए इसकी कथा, महत्व, शक्तियाँ और पूजा का धार्मिक महत्व।
