श्री जगन्नाथ चालीसा
(Shri Jagannath Chalisa)
श्री जगन्नाथ चालीसा (Shri Jagannath Chalisa)
॥ दोहा ॥
जय जगन्नाथ स्वामी जय बलभद्र संभाव।
जय सुबद्रा ताई अग्या करैं सब काज॥
॥ चालीसा ॥
जय जगन्नाथ दयालु दया निधान।
करुणा रस सिन्धु नयन अन्धकार।।
कटकट धनुस विराजत शंखाधार।
मुख में कमल नैनन में चकार।।
कनकमय शीश नव चारु चंद्र भाला।
नख सिखर छवि गंजित सोहे बाला।।
अरुणांचल मुकुट श्रिया सोहत नूप।
मुख में मुरली बनमाल अजरे।।
शंख बाजे मृदुँग बाजत ताल।
वज्रांकुश गदा शुभ बदन काल।।
रक्त अंग वस्त्र बिभूषण बाजत।
प्रतीत शोभित नील विशाल जाजत।।
आवत धावत तब जू तार गृहवत।
कारज सर्व करैं सुधीर बुधवत।।
शची जब भय भए सागर पार।
रामदास कहैं बेद बिख्यात।।
श्री जगन्नाथ चालीसा जो कोई।
गावैं पाठ करैं कलेश नखटाई।।
जो यह पाठ करे मन लाई।
तेस ही कृपा करहु जगदीश।।
॥ दोहा ॥
पवन तनय संकट हरण गोसाई।
कृपा द्रिष्टि तुम्हारी करहु विलासा।।
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श्री जगन्नाथ चालीसा पाठ विधि
श्री जगन्नाथ चालीसा का पाठ श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध मन से करने पर भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह पाठ जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना जाता है।
पाठ करने की विधि
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- भगवान जगन्नाथ की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें
- दीपक और धूप जलाएँ
- फूल, तुलसी दल और प्रसाद अर्पित करें
- शांत मन से श्री जगन्नाथ चालीसा का पाठ करें
- अंत में आरती और प्रार्थना करें
पूजा सामग्री
- दीपक
- धूप / अगरबत्ती
- फूल
- तुलसी दल
- प्रसाद (खीर, गुड़ या फल)
- जल का पात्र
- भगवान जगन्नाथ की तस्वीर या प्रतिमा
श्री जगन्नाथ चालीसा पढ़ने का शुभ समय
शुभ समय
- प्रातःकाल
- संध्या समय
- गुरुवार
- एकादशी
- रथ यात्रा
विशेष पूजा एवं पर्व
- रथ यात्रा
- स्नान पूर्णिमा
- जगन्नाथ मंदिर उत्सव
- एकादशी पूजा
श्री जगन्नाथ चालीसा पाठ के लाभ
चालीसा पाठ के लाभ
- मन को शांति प्राप्त होती है
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
- घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है
- मानसिक तनाव दूर होता है
- आध्यात्मिक शक्ति और भक्ति बढ़ती है
- जीवन में शुभता और सफलता प्राप्त होती है
- भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है
श्री जगन्नाथ जी की आरती
आरती के माध्यम से भक्त भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करते हैं। चालीसा पाठ के बाद आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
भगवान जगन्नाथ मंत्र
मंत्र
॥ ॐ श्री जगन्नाथाय नमः ॥
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. श्री जगन्नाथ चालीसा कब पढ़ना चाहिए?
श्री जगन्नाथ चालीसा का पाठ सुबह और शाम के समय करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से गुरुवार और रथ यात्रा के अवसर पर इसका महत्व अधिक होता है।
2. क्या जगन्नाथ चालीसा रोज पढ़ सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रतिदिन श्री जगन्नाथ चालीसा का पाठ किया जा सकता है।
3. जगन्नाथ चालीसा पढ़ने के क्या लाभ हैं?
जगन्नाथ चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है।
4. क्या महिलाएँ जगन्नाथ चालीसा पढ़ सकती हैं?
हाँ, महिलाएँ और पुरुष दोनों श्रद्धा और विश्वास के साथ श्री जगन्नाथ चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
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