श्री राधा अष्टोत्तर शतनामावली और श्रीराधा रानी का दिव्य स्वरूप

श्री राधा अष्टोत्तर शतनामावली: श्रीराधा के 108 नाम और सरल हिंदी अर्थ (Shri Radha Ashtottara Shatanamavali)

श्री राधा अष्टोत्तर शतनामावली श्रीराधा रानी के पावन नामों की दिव्य माला है। श्रीराधा जी को भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिय और उनकी आराध्या शक्ति के रूप में भक्तिभाव से स्मरण किया जाता है। इन नामों में श्रीराधा जी के सुंदर स्वरूप, गुण, प्रेम, करुणा और श्रीकृष्ण के साथ उनकी दिव्य लीलाओं का भाव मिलता है। यहां श्रीराधा जी के नाम सरल हिंदी अर्थ सहित दिए गए हैं, ताकि

श्रीराधा अष्टोत्तर शतनामावली: 108  नाम एवं अर्थ

  1. ॐ राधिकायै नमः।
    अर्थ: श्रीराधा जी को प्रणाम, जो भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिय हैं।
  2. ॐ सुन्दर्यै नमः।
    अर्थ: परम सुंदर स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  3. ॐ गोप्यै नमः।
    अर्थ: गोपिका स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  4. ॐ कृष्णसङ्गमकारिण्यै नमः।
    अर्थ: श्रीकृष्ण से मिलन कराने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  5. ॐ चञ्चलाक्ष्यै नमः।
    अर्थ: चंचल और आकर्षक नेत्रों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  6. ॐ कुरङ्गाक्ष्यै नमः।
    अर्थ: हिरणी के समान सुंदर और कोमल नेत्रों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  7. ॐ गान्धर्व्यै नमः।
    अर्थ: दिव्य सौंदर्य और मधुरता से युक्त श्रीराधा जी को प्रणाम।
  8. ॐ वृषभानुजायै नमः।
    अर्थ: वृषभानु जी की पुत्री श्रीराधा जी को प्रणाम।
  9. ॐ वीणापाण्यै नमः।
    अर्थ: हाथों में वीणा धारण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  10. ॐ स्मितमुख्यै नमः।
    अर्थ: मंद मुस्कान से सुशोभित मुख वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  11. ॐ रक्ताशोकलतालयायै नमः।
    अर्थ: लाल अशोक लताओं के निकट निवास करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  12. ॐ गोवर्धनचर्यै नमः।
    अर्थ: गोवर्धन क्षेत्र में विचरण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  13. ॐ गोप्यै नमः।
    अर्थ: गोपिका स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  14. ॐ गोपीवेषमनोहरायै नमः।
    अर्थ: गोपी के सुंदर वेश से मन मोह लेने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  15. ॐ चन्द्रावलीसपत्न्यै नमः।
    अर्थ: चन्द्रावली की प्रतिद्वंद्वी स्वरूपा श्रीराधा जी को प्रणाम।
  16. ॐ दर्पणास्यायै नमः।
    अर्थ: दर्पण के समान सुंदर मुख वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  17. ॐ कलावत्यै नमः।
    अर्थ: सभी कलाओं में निपुण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  18. ॐ कृपावत्यै नमः।
    अर्थ: करुणा और कृपा से परिपूर्ण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  19. ॐ सुप्रतीकायै नमः।
    अर्थ: सुंदर और मनोहर अंगों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  20. ॐ तरुण्यै नमः।
    अर्थ: सदा तरुण एवं मनोहर स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  21. ॐ हृदयङ्गमायै नमः।
    अर्थ: हृदय को प्रिय लगने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  22. ॐ कृष्णप्रियायै नमः।
    अर्थ: भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिय श्रीराधा जी को प्रणाम।
  23. ॐ कृष्णसख्यै नमः।
    अर्थ: श्रीकृष्ण की प्रिय सखी श्रीराधा जी को प्रणाम।
  24. ॐ विपरीतरतिप्रियायै नमः।
    अर्थ: प्रेम की विशेष और मधुर लीलाओं को प्रिय मानने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  25. ॐ प्रवीणायै नमः।
    अर्थ: सभी कलाओं और व्यवहार में कुशल श्रीराधा जी को प्रणाम।
  26. ॐ सुरतप्रीतायै नमः।
    अर्थ: प्रेममयी दिव्य क्रीड़ाओं में प्रसन्न रहने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  27. ॐ चन्द्रास्यायै नमः।
    अर्थ: चंद्रमा के समान सुंदर मुख वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  28. ॐ चारुविग्रहायै नमः।
    अर्थ: अत्यंत सुंदर शरीर और स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  29. ॐ केकराक्ष्यै नमः।
    अर्थ: सुंदर और आकर्षक नेत्रों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  30. ॐ हरेः कान्तायै नमः।
    अर्थ: भगवान श्रीहरि की परम प्रिया श्रीराधा जी को प्रणाम।
  31. ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
    अर्थ: महालक्ष्मी के समान दिव्य और ऐश्वर्यमयी श्रीराधा जी को प्रणाम।
  32. ॐ सुकेलिन्यै नमः।
    अर्थ: सुंदर और मधुर लीलाओं में रमण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  33. ॐ सङ्केतवटसंस्थानायै नमः।
    अर्थ: संकेत-वट के पवित्र स्थान पर निवास करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  34. ॐ कमनीयायै नमः।
    अर्थ: अत्यंत मनोहर और आकर्षक श्रीराधा जी को प्रणाम।
  35. ॐ कामिन्यै नमः।
    अर्थ: प्रेम और आकर्षण से युक्त श्रीराधा जी को प्रणाम।
  36. ॐ वृषभानुसुतायै नमः।
    अर्थ: वृषभानु जी की पुत्री श्रीराधा जी को प्रणाम।
  37. ॐ राधायै नमः।
    अर्थ: भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करने वाली और उनकी परम आराध्या श्रीराधा जी को प्रणाम।
  38. ॐ किशोर्यै नमः।
    अर्थ: किशोरी स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  39. ॐ ललितायै नमः।
    अर्थ: कोमल, सुंदर और मनोहर श्रीराधा जी को प्रणाम।
  40. ॐ लतायै नमः।
    अर्थ: लता के समान कोमल और सुंदर श्रीराधा जी को प्रणाम।
  41. ॐ विघुद्वल्ल्यै नमः।
    अर्थ: बिजली की चमक जैसी उज्ज्वल और मनोहर श्रीराधा जी को प्रणाम।
  42. ॐ काञ्चनाभायै नमः।
    अर्थ: स्वर्ण के समान आभा वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  43. ॐ कुमार्यै नमः।
    अर्थ: दिव्य कुमारिका स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  44. ॐ मुग्धवेशिन्यै नमः।
    अर्थ: मोह लेने वाले सरल और सुंदर वेश वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  45. ॐ केशिन्यै नमः।
    अर्थ: सुंदर केशों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  46. ॐ केशवसख्यै नमः।
    अर्थ: केशव भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय सखी श्रीराधा जी को प्रणाम।
  47. ॐ नवनीतैकविक्रयायै नमः।
    अर्थ: नवनीत बेचने वाली मधुर लीला करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  48. ॐ षोडशाब्दायै नमः।
    अर्थ: सोलह वर्ष की किशोरी स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  49. ॐ कलापूर्णायै नमः।
    अर्थ: सभी कलाओं से पूर्ण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  50. ॐ जारिण्यै नमः।
    अर्थ: प्रेम की गहन और रहस्यमयी लीला करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  51. ॐ जारसङ्गिन्यै नमः।
    अर्थ: श्रीकृष्ण के साथ दिव्य प्रेम-संबंध रखने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  52. ॐ हर्षिण्यै नमः।
    अर्थ: आनंद प्रदान करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  53. ॐ वर्षिण्यै नमः।
    अर्थ: प्रेम और आनंद की वर्षा करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  54. ॐ वीरायै नमः।
    अर्थ: साहसी और दृढ़ श्रीराधा जी को प्रणाम।
  55. ॐ धीरायै नमः।
    अर्थ: धैर्यवान और गंभीर श्रीराधा जी को प्रणाम।
  56. ॐ धारायै नमः।
    अर्थ: प्रेम की निरंतर धारा के समान श्रीराधा जी को प्रणाम।
  57. ॐ धरायै नमः।
    अर्थ: धारण करने वाली और सबका आधार बनने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  58. ॐ धृत्यै नमः।
    अर्थ: धैर्य और धारण शक्ति की स्वरूपा श्रीराधा जी को प्रणाम।
  59. ॐ यौवनस्थायै नमः।
    अर्थ: दिव्य यौवन से सुशोभित श्रीराधा जी को प्रणाम।
  60. ॐ वनस्थायै नमः।
    अर्थ: वृंदावन के वन में निवास करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  61. ॐ मधुरायै नमः।
    अर्थ: अत्यंत मधुर और मनोहर श्रीराधा जी को प्रणाम।
  62. ॐ मधुराकृत्यै नमः।
    अर्थ: मधुर और सुंदर स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  63. ॐ वृषभानुपुरावासायै नमः।
    अर्थ: वृषभानु जी की नगरी में निवास करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  64. ॐ मानलीलाविशारदायै नमः।
    अर्थ: प्रेम में मान करने की मधुर लीला में निपुण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  65. ॐ दानलीलायै नमः।
    अर्थ: प्रेमपूर्ण दान की लीला करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  66. ॐ दानदात्र्यै नमः।
    अर्थ: दान देने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  67. ॐ दण्डहस्तायै नमः।
    अर्थ: हाथ में दण्ड धारण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  68. ॐ भ्रुवोन्नतायै नमः।
    अर्थ: सुंदर और उन्नत भौंहों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  69. ॐ सुस्तन्यै नमः।
    अर्थ: सुंदर और सुडौल वक्षस्थल वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  70. ॐ मधुरास्यायै नमः।
    अर्थ: मधुर और सुंदर मुख वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  71. ॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः।
    अर्थ: बिंब फल के समान लाल और सुंदर अधरों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  72. ॐ पञ्चमस्वरायै नमः।
    अर्थ: पंचम स्वर के समान मधुर वाणी वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  73. ॐ सङ्गीतकुशलायै नमः।
    अर्थ: संगीत कला में निपुण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  74. ॐ सेव्यायै नमः।
    अर्थ: जिनकी श्रद्धापूर्वक सेवा और आराधना की जाती है, उन श्रीराधा जी को प्रणाम।
  75. ॐ कृष्णवश्यत्वकारिण्यै नमः।
    अर्थ: अपने प्रेम से भगवान श्रीकृष्ण को भी अपने वश में करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  76. ॐ तारिण्यै नमः।
    अर्थ: भक्तों को संसार-सागर से तारने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  77. ॐ हारिण्यै नमः।
    अर्थ: सबका मन हर लेने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  78. ॐ ह्रीलायै नमः।
    अर्थ: लज्जा और विनम्रता से युक्त श्रीराधा जी को प्रणाम।
  79. ॐ शीलायै नमः।
    अर्थ: उत्तम शील और सद्गुणों वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  80. ॐ लीलायै नमः।
    अर्थ: दिव्य लीलाओं की स्वरूपा श्रीराधा जी को प्रणाम।
  81. ॐ ललामिकायै नमः।
    अर्थ: सभी सखियों में मुकुट के समान श्रेष्ठ श्रीराधा जी को प्रणाम।
  82. ॐ गोपाल्यै नमः।
    अर्थ: गोपालों की प्रिय और गोप जीवन से जुड़ी श्रीराधा जी को प्रणाम।
  83. ॐ दधिविक्रेत्र्यै नमः।
    अर्थ: दही बेचने की मधुर लीला करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  84. ॐ प्रौढायै नमः।
    अर्थ: गंभीर, परिपक्व और प्रभावशाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  85. ॐ मुग्धायै नमः।
    अर्थ: सरल, भोली और मनमोहक श्रीराधा जी को प्रणाम।
  86. ॐ मध्यकायै नमः।
    अर्थ: सुंदर और सुडौल मध्य भाग वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  87. ॐ स्वाधीनपतिकायै नमः।
    अर्थ: जिनके प्रेम में भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अनुरक्त रहते हैं, उन श्रीराधा जी को प्रणाम।
  88. ॐ खण्डितायै नमः।
    अर्थ: प्रेम में मानिनी और रुष्ट नायिका के स्वरूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  89. ॐ अभिसारिकायै नमः।
    अर्थ: प्रियतम से मिलने के लिए स्वयं जाने वाली प्रेममयी श्रीराधा जी को प्रणाम।
  90. ॐ रसिकायै नमः।
    अर्थ: दिव्य प्रेम-रस की ज्ञाता और रसिक श्रीराधा जी को प्रणाम।
  91. ॐ रसिनायै नमः।
    अर्थ: प्रेम-रस से परिपूर्ण श्रीराधा जी को प्रणाम।
  92. ॐ रस्यायै नमः।
    अर्थ: दिव्य प्रेम-रस का अनुभव कराने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  93. ॐ रसशास्त्रैकशेवध्यै नमः।
    अर्थ: प्रेम-रस के शास्त्र का सर्वोच्च भंडार स्वरूप श्रीराधा जी को प्रणाम।
  94. ॐ पालिकायै नमः।
    अर्थ: पालन और संरक्षण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  95. ॐ लालिकायै नमः।
    अर्थ: प्रेमपूर्वक लाड़ करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  96. ॐ लज्जायै नमः।
    अर्थ: लज्जा और विनम्रता की स्वरूपा श्रीराधा जी को प्रणाम।
  97. ॐ लालसायै नमः।
    अर्थ: प्रेममयी अभिलाषा से युक्त श्रीराधा जी को प्रणाम।
  98. ॐ ललनामण्यै नमः।
    अर्थ: सभी सुंदर नारियों में रत्न के समान श्रेष्ठ श्रीराधा जी को प्रणाम।
  99. ॐ बहुरूपायै नमः।
    अर्थ: अनेक दिव्य रूप धारण करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  100. ॐ सुरूपायै नमः।
    अर्थ: अत्यंत सुंदर और मनोहर रूप वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  101. ॐ सुप्रसन्नायै नमः।
    अर्थ: अत्यंत प्रसन्न और कृपालु श्रीराधा जी को प्रणाम।
  102. ॐ महामत्यै नमः।
    अर्थ: महान बुद्धि और विवेक से युक्त श्रीराधा जी को प्रणाम।
  103. ॐ मरालगमनायै नमः।
    अर्थ: हंस के समान सुंदर और graceful चाल वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।
  104. ॐ मत्तायै नमः।
    अर्थ: दिव्य प्रेम में मग्न श्रीराधा जी को प्रणाम।
  105. ॐ मन्त्रिण्यै नमः।
    अर्थ: दिव्य मंत्र और रहस्यमयी ज्ञान की अधिष्ठात्री श्रीराधा जी को प्रणाम।
  106. ॐ मन्त्रनायिकायै नमः।
    अर्थ: मंत्रों की नायिका और अधिष्ठात्री श्रीराधा जी को प्रणाम।
  107. ॐ मन्त्रराजैकसंसेव्यायै नमः।
    अर्थ: श्रेष्ठ मंत्र द्वारा विशेष रूप से सेवित और पूजित श्रीराधा जी को प्रणाम।
  108. ॐ मन्त्रराजैकसिद्धिदायै नमः।
    अर्थ: श्रेष्ठ मंत्र की साधना से सिद्धि प्रदान करने वाली श्रीराधा जी को प्रणाम।

श्रीराधा नामावली का भक्तिमय स्मरण

श्रीराधा जी के इन पावन नामों का श्रद्धा और प्रेम से स्मरण करते हुए भक्त उनके चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं। श्रीराधा नाम का स्मरण मन में प्रेम, समर्पण और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति का भाव जगाने वाला माना जाता है। भक्तजन अपनी श्रद्धा के अनुसार इन नामों का पाठ कर सकते हैं और श्रीराधा-कृष्ण की कृपा का स्मरण कर सकते हैं।

श्री राधा अष्टोत्तर शतनामावली से जुड़े प्रश्न

श्रीराधा जी के नामों का पाठ कैसे करें?

भक्त स्नान आदि से निवृत्त होकर शांत मन से श्रीराधा-कृष्ण का स्मरण करते हुए नामावली का पाठ कर सकते हैं। पाठ के लिए किसी एक निश्चित समय का आग्रह आवश्यक नहीं है; श्रद्धा और भक्ति को प्रमुख माना जाता है।

श्रीराधा जी को किन नामों से स्मरण किया जाता है?

श्रीराधा जी को राधिका, राधा, वृषभानुजा, वृषभानुसुता, कृष्णप्रिया, किशोरी, गान्धर्वी और महालक्ष्मी जैसे अनेक नामों से स्मरण किया जाता है।

निष्कर्ष

श्रीराधा जी के पावन नामों का स्मरण भक्तिभाव को गहरा करने वाला माना जाता है। इन नामों में श्रीराधा जी के सौंदर्य, करुणा, प्रेम, माधुर्य और श्रीकृष्ण के प्रति उनके दिव्य भाव की झलक मिलती है। श्रद्धा से “राधे राधे” का स्मरण करते हुए श्रीराधा-कृष्ण के चरणों में भक्ति अर्पित करना ही इस नामावली का सुंदर भाव है।

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