
हिंदू धर्म में साहस, शक्ति और भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। हनुमान जी...
अंबे तू है जगदंबे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गायें भारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
माता तेरे भक्त जनों पर भीड़ पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी ॥
सौ सौ सिंहों से बलशाली अष्ट भुजाओं वाली।
दुखियों के दुःख को निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
माँ बेटे का इस जग में है बड़ा ही निर्मल नाता।
पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता ॥
सब पर करूणा दरसाने वाली अमृत बरसाने वाली।
दुखियों के दुख को निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
नहीं मांगते धन और दौलत ना चांदी ना सोना।
हम तो मांगते तेरे मन का एक छोटा सा कोना ॥
सबकी बिगड़ी बनाने वाली लाज बचाने वाली।
सतियों के सत को सवांरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
अंबे तू है जगदंबे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गायें भारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
माँ काली शक्ति का साक्षात स्वरूप हैं। उनकी भक्ति न केवल नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करती है, बल्कि जीवन में साहस और मानसिक शांति भी प्रदान करती है।
यदि आप अपने जीवन के संकटों से मुक्ति और शत्रुओं पर विजय चाहते हैं, तो प्रतिदिन माँ काली की आरती का श्रद्धापूर्वक पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
शास्त्रों के अनुसार, माँ काली काल (समय) की देवी हैं। वे विनाश की शक्ति तो हैं ही, परंतु अपने भक्तों के लिए ममतामयी माँ भी हैं।
माँ काली की आरती करने से साधक के भीतर का भय समाप्त हो जाता है। यह आरती जीवन की बाधाओं को दूर करने और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
विशेषकर शनिवार और मंगलवार को इस आरती का पाठ करने से माँ काली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
• भय से मुक्ति: माँ काली की कृपा से अकाल मृत्यु और शत्रुओं का भय समाप्त होता है।
• नकारात्मकता का नाश: घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है।
• मानसिक शक्ति: आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव कम होता है।
• संकट निवारण: कठिन समय में माँ काली अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।
• मनोकामना पूर्ति: सच्चे मन से आरती करने पर हर जायज मुराद पूरी होती है।
जीवन की हर बाधा को पार करने के लिए श्रद्धा के साथ माँ काली की आरती गाएं।
“जब तक माँ काली का आशीर्वाद साथ है, दुनिया की कोई भी शक्ति आपका अहित नहीं कर सकती।”
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