Author name: bhaktimarg2018

हिंदू पौराणिक कथाएँ (Hindu Mythology)

रामचरितमानस का आध्यात्मिक महत्व (Ramcharitmanas in Hinduism)

रामचरितमानस का आध्यात्मिक महत्व जानें। यह ग्रंथ भक्ति, धर्म, सत्य और आदर्श जीवन का संदेश देता है और हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है।

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हिंदू देवी-देवता (Hindu Gods)

माँ दुर्गा और महिषासुर की कथा (Goddess Durga and Mahishasura)

माँ दुर्गा और महिषासुर की कथा हिंदू धर्म की सबसे प्रेरणादायक पौराणिक कथाओं में से एक है। इस कथा में जानें कैसे माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश दिया। साथ ही पढ़ें इस कथा का धार्मिक महत्व, आध्यात्मिक संदेश और नवरात्रि से इसका गहरा संबंध।

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हिंदू त्योहार (Hindu Festivals)

निर्जला एकादशी 2026 व्रत कथा और महत्व (Nirjala Ekadashi 2026)

निर्जला एकादशी 2026 भगवान विष्णु को समर्पित वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक है। इस लेख में जानें निर्जला एकादशी 2026 की तिथि, व्रत कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, व्रत के नियम, दान और धार्मिक महत्व।

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चालीसा (Chalisa)

श्री दत्तात्रेय चालीसा (Sri Dattatreya Chalisa)

जय दिगम्बर दत्त दयाला। कृपा सिन्धु सुख सागर नाला॥
त्रिमूर्ति रूप तुम्हारो भारी। ब्रह्मा विष्णु शंकर अवतारी॥
जय दत्त गुरु अद्भुत स्वामी। पारब्रह्म परमानन्द धामी॥
अज जन्म अज योगीश्वर राजा। मायापति जग के त्राता॥
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु साखी। गुरु देवो महेश्वर राखी॥
गुरु साक्षात परब्रह्म दयाला। दत्तात्रेय करहु निहाला॥
अनसूया घर जन्म तुम्हारा। तीनों लोक भयो उजियारा॥

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चालीसा (Chalisa)

श्री जगन्नाथ चालीसा (ShriJagannathChalisa)

जय जगन्नाथ दयालु दया निधान।
करुणा रस सिन्धु नयन अन्धकार।।
कटकट धनुस विराजत शंखाधार।
मुख में कमल नैनन में चकार।।
कनकमय शीश नव चारु चंद्र भाला।
नख सिखर छवि गंजित सोहे बाला।।

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चालीसा (Chalisa)

श्री हनुमान चालीसा (Shri Hanuman Chalisa)

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनिपुत्र पवन सुत नामा॥
महावीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमिति के संगी॥
कंचन वरन विराज सुवेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥४॥

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चालीसा (Chalisa)

श्री दुर्गा चालीसा (Shri Durga Chalisa)

नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.
निरंकार है ज्योति तुम्हारी. तिहूँ लोक फैली उजियारी.
शशी ललाट मुख महा विशाला. नेत्र लाल भृकुटी विकराला.
रुप मातु को अधिक सुहावे. दरश करत जन अति सुख पावे.
तुम संसार शक्ति लय कीना. पालन हेतु अन्न धन धन दीना.

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चालीसा (Chalisa)

श्री अन्नपूर्णा चालीसा

नित्य आनंद करिणी माता, वर अरु अभय भाव प्रख्याता ।
जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी, अखिल पाप हर भव-भय-हरनी ।
श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि, संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि ।
काशी पुराधीश्वरी माता, माहेश्वरी सकल जग त्राता ।
वृषभारुढ़ नाम रुद्राणी, विश्व विहारिणि जय ! कल्याणी ।
पतिदेवता सुतीत शिरोमणि, पदवी प्राप्त कीन्ह गिरी नंदिनि ।
पति विछोह दुःख सहि नहिं पावा, योग अग्नि तब बदन जरावा ।

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दत्तात्रेय भजन (Dattatreya Bhajan)

दत्ता बावनी भजन (Datta Bavani Bhajan)

दत्त बावनी भगवान श्री दत्तात्रेय की महिमा का गुणगान करने वाली प्रसिद्ध भक्ति रचना है। जानें दत्त बावनी का अर्थ, महत्व, भावार्थ, सुनने के लाभ और धार्मिक महत्व।

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