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हरियाली तीज 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व, कथा और शुभकामनाएं (Haryali Teej 2026

हरियाली तीज हिंदू धर्म के प्रमुख और अत्यंत शुभ पर्वों में से एक है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार विशेष रूप से विवाहित महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना करती हैं।

सावन की हरियाली, झूले, मेहंदी, लोकगीत और शिव-पार्वती की पूजा के कारण इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं हरियाली तीज 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से।


हरियाली तीज 2026 कब है?

वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी।

पर्व हरियाली तीज 2026
तिथि 15 अगस्त 2026, शनिवार
मास श्रावण (सावन)
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि तृतीया
पूज्य देवता भगवान शिव और माता पार्वती

उदया तिथि के अनुसार 15 अगस्त को हरियाली तीज का व्रत और पूजा करना शुभ माना जाएगा।


हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

हरियाली तीज का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कई जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

इसी पावन मिलन की स्मृति में हर वर्ष सावन शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।

मान्यता है कि—

  • इस दिन व्रत रखने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • पति-पत्नी के संबंधों में प्रेम और मधुरता बनी रहती है।
  • परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
  • अविवाहित कन्याओं को योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है?

हरियाली तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, प्रेम और समर्पण का उत्सव भी है।

सावन का महीना वर्षा और हरियाली लेकर आता है। इस समय प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में होती है। इसी कारण इस पर्व को “हरियाली तीज” कहा जाता है।

इस अवसर पर महिलाएं—

  • हरे वस्त्र धारण करती हैं।
  • हाथों में मेहंदी लगाती हैं।
  • झूले झूलती हैं।
  • शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
  • लोकगीत और भजन गाती हैं।
  • परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।

हरियाली तीज की पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थीं। लेकिन उनके माता-पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से करवाना चाहते थे।

माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या का मार्ग चुना। उन्होंने अनेक वर्षों तक जंगलों में रहकर उपवास और साधना की। कहा जाता है कि माता पार्वती ने 108 जन्मों तक भगवान शिव की आराधना की थी।

अंततः उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि जो स्त्री इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखेगी, उसे अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

तभी से हरियाली तीज का पर्व मनाया जाने लगा।


हरियाली तीज 2026 का शुभ मुहूर्त

हरियाली तीज के दिन प्रातःकाल से लेकर दिनभर पूजा की जा सकती है। ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पूजा से पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें।


हरियाली तीज व्रत का महत्व

हरियाली तीज का व्रत सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रतों में से एक माना जाता है।

इस व्रत को करने से—

  • वैवाहिक जीवन में सुख और प्रेम बना रहता है।
  • पति की आयु में वृद्धि होती है।
  • परिवार में समृद्धि आती है।
  • नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है।
  • भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

हरियाली तीज 2026 पूजा सामग्री

हरियाली तीज की पूजा के लिए निम्न सामग्री की आवश्यकता होती है—

  • भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र
  • भगवान गणेश की प्रतिमा
  • गंगाजल
  • कलश
  • रोली
  • अक्षत
  • चंदन
  • धूप और दीप
  • फूल
  • बेलपत्र
  • फल
  • मिठाई
  • पंचामृत
  • नारियल
  • मेहंदी
  • चूड़ियां
  • सिंदूर
  • बिंदी
  • चुनरी
  • श्रृंगार सामग्री

हरियाली तीज 2026 पूजा विधि

1. प्रातःकाल स्नान करें

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

2. व्रत का संकल्प लें

भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

3. पूजा स्थल तैयार करें

पूजा स्थान को साफ करें और चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं।

4. भगवान शिव और माता पार्वती की स्थापना करें

शिव-पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

5. पूजन करें

  • गंगाजल अर्पित करें।
  • चंदन और अक्षत चढ़ाएं।
  • पुष्प अर्पित करें।
  • धूप और दीप जलाएं।
  • बेलपत्र अर्पित करें।

6. सुहाग सामग्री अर्पित करें

माता पार्वती को—

  • चूड़ियां
  • सिंदूर
  • बिंदी
  • मेहंदी
  • चुनरी
  • श्रृंगार सामग्री

अर्पित करें।

7. व्रत कथा सुनें

हरियाली तीज की कथा का श्रवण करें।

8. आरती करें

शिव और माता पार्वती की आरती करें।

9. परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करें

पूजा के अंत में भगवान से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।


हरियाली तीज पर क्या करें?

  • शिव-पार्वती का ध्यान करें।
  • व्रत रखें।
  • मेहंदी लगाएं।
  • हरे वस्त्र पहनें।
  • जरूरतमंदों को दान करें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
  • भजन और कीर्तन करें।

हरियाली तीज पर क्या नहीं करना चाहिए?

  • क्रोध नहीं करना चाहिए।
  • किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
  • झूठ बोलने से बचना चाहिए।
  • तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।
  • नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
  • किसी के प्रति ईर्ष्या या द्वेष नहीं रखना चाहिए।

हरियाली तीज पर मेहंदी का महत्व

हरियाली तीज के अवसर पर मेहंदी लगाने की परंपरा बहुत प्राचीन है।

मान्यता है कि—

  • मेहंदी सौभाग्य का प्रतीक है।
  • इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है।
  • यह शुभता और समृद्धि का संकेत माना जाता है।

इसी कारण महिलाएं इस दिन सुंदर मेहंदी रचाती हैं और पारंपरिक श्रृंगार करती हैं।


हरियाली तीज पर हरे रंग का महत्व

हरियाली तीज पर हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

हरा रंग—

  • समृद्धि का प्रतीक है।
  • खुशहाली का संकेत है।
  • प्रकृति और हरियाली का प्रतिनिधित्व करता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

हरियाली तीज पर झूले झूलने की परंपरा

सावन के महीने में पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं। महिलाएं और युवतियां समूह में झूले झूलती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं।

यह परंपरा आनंद, प्रेम और उत्साह का प्रतीक मानी जाती है।


हरियाली तीज पर दान का महत्व

इस दिन दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

आप निम्न वस्तुओं का दान कर सकते हैं—

  • फल
  • अनाज
  • वस्त्र
  • मिठाई
  • हरी चूड़ियां
  • श्रृंगार सामग्री
  • दक्षिणा

दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।


हरियाली तीज पर बोले जाने वाले शुभ मंत्र

ॐ नमः शिवाय

इस मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है।

108 बार “ॐ नमः शिवाय” का जाप करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

माता पार्वती मंत्र

ॐ पार्वत्यै नमः।

इस मंत्र के जाप से माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है।


हरियाली तीज की शुभकामनाएं

1.

सावन की फुहार लाई है खुशियों की बहार,
आपके जीवन में बना रहे प्रेम अपार।
हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं।

2.

शिव-पार्वती का आशीर्वाद बना रहे,
जीवन में सुख और समृद्धि का वास रहे।
हरियाली तीज 2026 की मंगलमय शुभकामनाएं।

3.

मेहंदी की खुशबू और सावन की बहार,
आपके जीवन में लाए खुशियां हजार।
हरियाली तीज की शुभकामनाएं।


हरियाली तीज और कजरी तीज में अंतर

हरियाली तीज कजरी तीज
सावन मास में मनाई जाती है भाद्रपद मास में मनाई जाती है
श्रावण शुक्ल तृतीया भाद्रपद कृष्ण तृतीया
शिव-पार्वती की पूजा शिव-पार्वती की पूजा
हरियाली और सावन का उत्सव कजरी गीतों का महत्व

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

हरियाली तीज 2026 कब है?

हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी।

हरियाली तीज किसकी पूजा का पर्व है?

यह भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का पावन पर्व है।

हरियाली तीज का व्रत कौन रख सकता है?

विवाहित महिलाएं और अविवाहित कन्याएं दोनों यह व्रत रख सकती हैं।

हरियाली तीज पर कौन सा रंग शुभ माना जाता है?

हरा रंग शुभ माना जाता है।

हरियाली तीज पर कौन सा मंत्र जपना चाहिए?

“ॐ नमः शिवाय” तथा “ॐ पार्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

हरियाली तीज का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करना।


निष्कर्ष

हरियाली तीज 2026 का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला यह त्योहार भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया यह व्रत जीवन में सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि का संचार करता है।

भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से आपके जीवन में सदैव खुशियां, सौभाग्य और उन्नति बनी रहे।

हरियाली तीज 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।

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